मुगल काल (भाग-5) _ सम्राट औरंगज़ेब का शासन (1658 ई. – 1707 ई.) _ मास्टर नोट्स

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🕌 मुग़ल काल (भाग-5): सम्राट औरंगज़ेब का शासन (1658 ई. – 1707 ई.)

राज्याभिषेक विरोधाभास • दक्कन विजय व मराठा कूटनीति • जजिया कर का इतिहास एवं शाही प्रशासनिक संरचना
सम्राट औरंगज़ेब का शासन थंबनेल नोट्स

📸 मुगल काल (भाग-5) | सम्राट औरंगज़ेब (1658-1707) | दक्कन विजय, शिवाजी, जजिया, बीबी का मकबरा | Complete Notes | Image: apnaupsc.in

📌 भूमिका एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1658 ई. में उत्तराधिकार के रक्तरंजित युद्धों (धर्मत और सामूगढ़) में अपने भाइयों को पराजित कर मुग़ल इतिहास का सबसे रूढ़िवादी, अनुशासित और जटिल शासक 'अबुल मुजफ्फर मुहीउद्दीन मोहम्मद औरंगज़ेब आलमगीर' (विश्व विजेता) मुग़ल सिंहासन पर बैठा।

UPSC औरंगज़ेब मुग़ल वंश का एकमात्र ऐसा बादशाह था जिसका दो बार पूर्ण राजकीय राज्याभिषेक हुआ (1658 और 1659 ई. में दिल्ली में)।

⚔️ 1. उत्तर-पश्चिम एवं राजपूत कूटनीति

⚔️ धर्मत का युद्ध (अप्रैल 1658)

  • स्थान: उज्जैन (मध्य प्रदेश) के निकट
  • औरंगज़ेब vs राजा जसवंत सिंह (जोधपुर/मारवाड़)
  • परिणाम: औरंगज़ेब की विजय
  • राजपूतों की मुग़ल राजभक्ति का समीकरण बदला

👑 सुलेमान शिकोह का प्रसंग

  • दारा शिकोह का योग्य पुत्र
  • श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) के शासक पृथ्वीपति शाह के दरबार में शरण
  • मेदनी शाह ने औरंगज़ेब को सौंप दिया
  • ग्वालियर किले में धीमा विष देकर मार दिया गया

⚔️ शहजादा अकबर का विद्रोह (1681 ई.)

  • औरंगज़ेब का अपना पुत्र शहजादा मोहम्मद अकबर
  • दुर्गादास राठौड़ और मेवाड़ के राजपूतों के उकसाने पर विद्रोह
  • राजपूतों के खिलाफ औरंगज़ेब की सैन्य स्थिति अत्यधिक कमजोर हुई
  • शहजादा अकबर बाद में छत्रपति संभाजी के पास दक्कन गया, अंततः फारस भाग गया

🛡️ 2. औरंगज़ेब और छत्रपति शिवाजी महाराज

🤝 पुरंदर की ऐतिहासिक संधि (1665 ई.)

UPSC औरंगज़ेब ने मिर्ज़ा राजा जयसिंह (आमेर/कछवाहा) को दक्कन का सूबेदार बनाकर भेजा।

  • शिवाजी को 35 किलों में से 23 मुगलों को सौंपने पड़े
  • शिवाजी के पुत्र शम्भाजी को 5000 का मनसब
  • जयसिंह की कूटनीति से शिवाजी आगरा दरबार में उपस्थित हुए (1666)

🏰 आगरा दरबार प्रसंग (1666 ई.)

  • औरंगज़ेब के 50वें जन्मदिन के अवसर पर
  • उचित सम्मान न मिलने पर शिवाजी ने विरोध किया
  • औरंगज़ेब ने उन्हें 'जयपुर भवन' में बंदी बना लिया
  • शिवाजी ने फलों की टोकरियों में छिपकर भाग निकले
  • यह औरंगज़ेब की दक्कन कूटनीति की सबसे बड़ी विफलता मानी जाती है

🕌 3. औरंगज़ेब की दक्कन विजय

🏛️ बीजापुर विजय (1686 ई.)

  • आदिलशाही राज्य का अंत
  • अंतिम शासक: सिकंदर आदिलशाह
  • बीजापुर मुग़ल साम्राज्य में मिला

🏛️ गोलकुंडा विजय (1687 ई.)

  • कुतुबशाही राज्य का अंत
  • अंतिम शासक: अबुल हसन कुतुब शाह
  • UPPSC रिश्वत देकर अब्दुल्ला खाँ से किला फतह किया
  • गोलकुंडा को मुग़ल साम्राज्य में मिलाया
🎯 इन दोनों शिया राज्यों के अंत ने मुगलों और मराठों को आमने-सामने ला दिया।

💼 4. शाही प्रशासनिक विसंगति: सर्वाधिक हिंदू अधिकारी

UPSC आम धारणा के विपरीत, सर्वाधिक हिंदू मनसबदारों को नियुक्त करने वाला बादशाह औरंगज़ेब ही था

अकबर → 22% हिंदू
शाहजहाँ → 24% हिंदू
औरंगज़ेब33% हिंदू

इसका मुख्य कारण दक्षिण भारत (बीजापुर, गोलकुंडा और मराठों) के निरंतर विलय के कारण बड़ी संख्या में दक्कनी हिंदू सरदारों को मुग़ल मनसबदारी में शामिल करना था।

📜 5. जजिया कर का पूर्ण इतिहास (Confusion Buster)

औरंगज़ेब ने अकबर के शासनकाल से बंद पड़े जजिया कर को 1679 ई. में पुनः लागू कर दिया।

📌 जजिया कर का ऐतिहासिक सफरनामा
1. 712 ई. – मोहम्मद बिन कासिम (सिंध) – भारत में प्रथम शुरुआत

2. तुगलक काल – फिरोज शाह तुगलक ने ब्राह्मणों पर भी जजिया लगाया

3. कश्मीर – जैन-उल-आबिदीन ने प्रथम पूर्ण समाप्ति की

4. 1564 ई. – अकबर ने 'सुलह-ए-कुल' के तहत पूर्ण समाप्त किया

5. 1679 ई. – औरंगज़ेब ने पुनः लागू किया

6. 1720 ई. – मोहम्मद शाह रंगीला ने अंतिम रूप से समाप्त किया

⚔️ 6. औरंगज़ेब के 'जिहाद' का वास्तविक अर्थ

📖 दारुल इस्लाम (Dar-ul-Islam)

  • भारत को 'दार-उल-हर्ब' से 'दार-उल-इस्लाम' में बदलना
  • शरीयत के आधार पर शासन
  • सिक्कों पर कलमा खुदवाना
  • झरोखा दर्शन और तुलादान जैसी प्रथाएँ प्रतिबंधित

📜 'जिहाद' का प्रथम प्रयोग

  • UPSC बाबर ने 1527 ई. में खानवा के युद्ध में प्रथम प्रयोग किया
  • राणा सांगा के विरुद्ध सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए
  • औरंगज़ेब ने इसे शासन पद्धति का मुख्य आधार बनाया

🏛️ 7. बीबी का मक़बरा: 'द्वितीय ताजमहल'

  • स्थान: औरंगाबाद / छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)
  • निर्माता: औरंगज़ेब (1678 ई.)
  • समर्पित: बेगम राबिया-उद-दौरानी (दिलरास बानो बेगम)
  • इसे 'द्वितीय ताजमहल' या 'ताजमहल की फूहड़/घटिया नकल' भी कहा जाता है
  • संगमरमर के स्थान पर प्लास्टर और बलुआ पत्थर का अत्यधिक प्रयोग

🧕 8. मुग़ल कालीन राजघराने की शक्तिशाली महिलाएँ

महिलासंबंधकार्य/उपाधि
जहाँआरा बेगमशाहजहाँ की ज्येष्ठ पुत्रीउपाधि: 'साहिबात-उज-ज़मानी' (युग की स्वामिनी) – अत्यधिक विदुषी
रोशनआरा बेगमशाहजहाँ की द्वितीय पुत्रीगुप्त रूप से औरंगज़ेब का समर्थन – हरम की सूचनाएँ पहुँचाईं
जेबुन्निसा (मख्फ़ी)औरंगज़ेब की पुत्रीफारसी कवयित्री (छद्म नाम: 'मख्फ़ी' – छिपी हुई) – सेलिमगढ़ किले में कैद

🕉️ 9. आध्यात्मिक समकालीनता: समर्थ रामदास और औरंगज़ेब

  • समर्थ रामदास: महाराष्ट्र के महान संत, 'दासबोध' के रचयिता
  • छत्रपति शिवाजी महाराज के आध्यात्मिक गुरु
  • औरंगज़ेब और शिवाजी के समकालीन
  • हनुमान मंदिरों के नेटवर्क ने गुप्तचर प्रणाली और राष्ट्रवाद की भावना को जीवित रखा

🇬🇧 10. मुगलों का अंग्रेजों से प्रथम सैन्य संघर्ष (1686 ई.)

UPSC भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मुगलों के बीच पहला आधिकारिक सैन्य संघर्ष औरंगज़ेब के शासनकाल में 1686 ई. में हुआ।

  • हुगली (बंगाल) के गवर्नर सर जोशुआ चाइल्ड ने मुग़ल जहाजों को लूटा
  • औरंगज़ेब ने अंग्रेजों को हुगली से खदेड़ दिया
  • सभी फैक्ट्रियों पर ताला लगा दिया
  • अंग्रेजों ने डेढ़ लाख रुपये का हर्जाना देकर माफ़ी मांगी

📊 वर्षवार त्वरित पुनरावृत्ति मैट्रिक्स

वर्षघटना / कार्यUPSC परीक्षा फैक्ट
1658धर्मत व सामूगढ़ विजय, प्रथम राज्याभिषेकजसवंत सिंह की पराजय; आगरा पर अधिकार
1659देवराई विजय, द्वितीय राज्याभिषेकदिल्ली में पूर्ण और विधिवत मुग़ल बादशाह
1665पुरंदर की संधिमिर्ज़ा राजा जयसिंह; शिवाजी को 23 किले सौंपने पड़े
1666शिवाजी का आगरा भवन से पलायनफलों की टोकरियों में छिपकर भाग निकले
1678बीबी का मक़बरा'द्वितीय ताजमहल' – दिलरास बानो बेगम
1679जजियो कर पुनः लागूअकबर द्वारा बंद, औरंगज़ेब ने पुनः लागू
1681शहजादा अकबर का विद्रोहदुर्गादास राठौड़ ने उकसाया; औरंगज़ेब दक्कन गया
1686बीजापुर विलय, अंग्रेजों से प्रथम युद्धसिकंदर आदिलशाह पराजित; सर जोशुआ चाइल्ड को खदेड़ा
1687गोलकुंडा विलयअबुल हसन कुतुब शाह की पराजय
1707औरंगज़ेब की मृत्युअहमदनगर में अवसान; दौलताबाद (खुल्दाबाद) में सादा मकबरा

📌 निष्कर्ष: सम्राट औरंगज़ेब आलमगीर का शासनकाल (1658-1707) मुग़ल साम्राज्य के वैभव के चरमोत्कर्ष और उसके पतन के तीव्र आरम्भ की एक जटिल संधिकाल की कहानी है। उसने बीजापुर और गोलकुंडा को जीतकर और सर्वाधिक हिंदू अधिकारियों को नियुक्त कर प्रशासनिक केंद्रीयकरण तो चरम पर पहुँचाया, परंतु उसकी कठोर धार्मिक नीतियों, जजिया के पुनरागमन और मराठों के साथ अंतहीन संघर्ष ने मुग़ल राजकोष को खोखला कर दिया। 1707 ई. में औरंगज़ेब की मृत्यु के साथ ही मुग़ल इतिहास का 'क्लासिक युग' समाप्त हो जाता है।

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