डॉ. विक्रम साराभाई: जीवन, योगदान, ISRO की स्थापना और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम | UPSC, UPPSC, BPSC

Apna UPSC
0

डॉ. विक्रम साराभाई: जीवन परिचय, ISRO, INCOSPAR, VSSC और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान

डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई (12 अगस्त 1919 – 30 दिसंबर 1971) को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक (Father of the Indian Space Programme) माना जाता है। उन्होंने भारत में अंतरिक्ष विज्ञान को केवल अंतरिक्ष अन्वेषण तक सीमित न रखकर संचार, मौसम, शिक्षा, दूरदर्शन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे राष्ट्रीय विकास के क्षेत्रों से जोड़ने की दूरदर्शी सोच विकसित की।

UPSC, UPPSC, BPSC, UPSSSC, SSC तथा अन्य State PCS परीक्षाओं में विक्रम साराभाई से जुड़े प्रश्न केवल उनकी जीवनी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि INCOSPAR, ISRO, Thumba, VSSC, PRL, SITE, Aryabhata, Space Commission, Department of Space और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थागत विकास से भी पूछे जा सकते हैं।

डॉ. विक्रम साराभाई: ISRO, INCOSPAR और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
डॉ. विक्रम साराभाई — भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के दूरदर्शी वास्तुकार | www.apnaupsc.in

🔵 डॉ. विक्रम साराभाई: एक नजर में महत्वपूर्ण तथ्य

तथ्य जानकारी
पूरा नाम विक्रम अंबालाल साराभाई
जन्म 12 अगस्त 1919, अहमदाबाद, गुजरात
निधन 30 दिसंबर 1971, कोवलम, तिरुवनंतपुरम, केरल
प्रमुख क्षेत्र भौतिकी, कॉस्मिक रे अनुसंधान, अंतरिक्ष विज्ञान, संस्थान निर्माण
उपाधि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक / Founding Father of Indian Space Programme
PRL 1947 में अहमदाबाद में स्थापना
INCOSPAR 1962 में स्थापित; साराभाई इसके प्रमुख वैज्ञानिक नेतृत्व से जुड़े
ISRO 15 अगस्त 1969 को स्थापित; INCOSPAR का उत्तराधिकारी
Atomic Energy Commission 1966–1971 के दौरान अध्यक्ष
पुरस्कार शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1962), पद्म भूषण (1966), पद्म विभूषण (मरणोपरांत, 1972)
🎯 परीक्षा ट्रिक: 1962 = INCOSPAR → 1963 = Thumba से पहला sounding rocket → 1969 = ISRO → 1972 = Space Commission + Department of Space → 1975 = Aryabhata + SITE

🧑‍🔬 प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा

विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में एक प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवार में हुआ। उनके पिता अंबालाल साराभाई गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों में थे। उनकी माता का नाम सरला देवी था।

साराभाई परिवार का वातावरण शिक्षा, विज्ञान, कला और सामाजिक चिंतन के लिए जाना जाता था। इस वातावरण ने विक्रम साराभाई के वैज्ञानिक और संस्थान-निर्माता व्यक्तित्व को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने आगे की उच्च शिक्षा के लिए University of Cambridge के St John's College में अध्ययन किया और Natural Sciences Tripos पूरा किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वे भारत लौटे और Indian Institute of Science, Bengaluru में महान वैज्ञानिक सर C. V. Raman के मार्गदर्शन में कॉस्मिक रे अनुसंधान से जुड़े।

बाद में उन्होंने Cambridge से अपनी doctoral research पूरी की। उनका शोध Cosmic Rays और Tropical Latitudes से संबंधित था।

📚 संबंधित महान वैज्ञानिक पढ़ें

डॉ. सी. वी. रमन के जीवन, Raman Effect, नोबेल पुरस्कार और वैज्ञानिक योगदान को UPSC/UPPSC परीक्षा की दृष्टि से पढ़ने के लिए देखें:

👉 C. V. Raman: जीवन परिचय, Raman Effect एवं महत्वपूर्ण तथ्य

🔬 Physical Research Laboratory (PRL): भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान की आधारशिला

भारत लौटने के बाद विक्रम साराभाई ने 1947 में Physical Research Laboratory (PRL), Ahmedabad की स्थापना की। PRL की औपचारिक स्थापना 11 नवंबर 1947 को हुई और शुरुआती शोध का प्रमुख क्षेत्र Cosmic Rays तथा Upper Atmosphere था।

PRL को आज अक्सर “Cradle of Space Sciences in India” कहा जाता है। यह भारत में अंतरिक्ष विज्ञान और खगोलीय अनुसंधान की संस्थागत नींव तैयार करने वाले प्रमुख संस्थानों में से एक है।

📌 Prelims Fact:
PRL → Ahmedabad, Gujarat
Founder → Dr. Vikram A. Sarabhai
स्थापना → 1947
प्रारंभिक शोध → Cosmic Rays एवं Upper Atmosphere

🏛️ केवल वैज्ञानिक नहीं, महान Institution Builder भी

विक्रम साराभाई का योगदान केवल अंतरिक्ष विज्ञान तक सीमित नहीं था। वे एक महान institution builder थे। उन्होंने या तो संस्थानों की स्थापना में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई अथवा उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्व दिया।

  • Physical Research Laboratory (PRL), Ahmedabad — 1947
  • Ahmedabad Textile Industry's Research Association (ATIRA) — 1947 में स्थापना के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका
  • Indian Institute of Management Ahmedabad (IIMA) — 1961 में स्थापना की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका
  • Community Science Centre, Ahmedabad — 1966
  • Darpana Academy of Performing Arts — पत्नी मृणालिनी साराभाई के साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान

IIM Ahmedabad की स्थापना 1961 में Government of India, Government of Gujarat और Ahmedabad industry के सहयोग से हुई। साराभाई ने अहमदाबाद में इस संस्थान को स्थापित कराने, स्थानीय उद्योगों का समर्थन जुटाने और भूमि उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी: IIM Ahmedabad को केवल “विक्रम साराभाई द्वारा अकेले स्थापित संस्थान” कहना सही नहीं है। वे इसकी स्थापना के प्रमुख architects/सहयोगियों में थे और शुरुआती वर्षों में इसके honorary part-time director भी रहे।

ATIRA — Textile Research से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य

Ahmedabad Textile Industry's Research Association (ATIRA) की स्थापना 1947 में Ahmedabad textile industry के सहयोग से हुई। इसके निर्माण में विक्रम साराभाई और कस्तूरभाई लालभाई की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

ATIRA का उद्देश्य textile और allied industries में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना था।

🚀 भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का विकास: INCOSPAR से ISRO तक

भारत में संगठित अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में निर्णायक कदम Indian National Committee for Space Research (INCOSPAR) के गठन से शुरू हुआ।

1962 में INCOSPAR का गठन Department of Atomic Energy के अंतर्गत किया गया। डॉ. विक्रम साराभाई इसके वैज्ञानिक नेतृत्व से जुड़े और उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को विकासोन्मुख दिशा प्रदान की।

इसके बाद 15 अगस्त 1969 को Indian Space Research Organisation (ISRO) का गठन हुआ और उसने INCOSPAR का स्थान लिया। आगे चलकर 1972 में Space Commission तथा Department of Space (DoS) की स्थापना की गई और ISRO को Department of Space के अंतर्गत लाया गया।

🧠 Chronology याद रखें:
1962 → INCOSPAR
1963 → Thumba से पहला sounding rocket
1969 → ISRO
1972 → Space Commission + Department of Space
1975 → Aryabhata + SITE

📍 Thumba Equatorial Rocket Launching Station (TERLS)

भारत के शुरुआती अंतरिक्ष कार्यक्रम में Thumba Equatorial Rocket Launching Station (TERLS) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

Thumba को मुख्यतः इसकी भूमध्यरेखीय क्षेत्र के निकट स्थिति के कारण चुना गया। विशेष रूप से यह क्षेत्र magnetic equator के निकट था, जिससे ऊपरी वायुमंडल और equatorial atmospheric phenomena के अध्ययन के लिए यह अत्यंत उपयोगी स्थान था।

21 नवंबर 1963 को Thumba से भारत का पहला sounding rocket Nike-Apache प्रक्षेपित किया गया।

Prelims में पूछे जाने योग्य:
स्थान → Thumba, Thiruvananthapuram, Kerala
पहला sounding rocket → Nike-Apache
तिथि → 21 November 1963
मुख्य उद्देश्य → Upper atmospheric research

🛰️ Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC)

Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC) का नाम डॉ. विक्रम साराभाई की स्मृति में रखा गया है। यह Thiruvananthapuram, Kerala में स्थित ISRO का प्रमुख केंद्र है।

VSSC मुख्य रूप से launch vehicle technology के design और development से जुड़ा है। इसके कार्यों में propulsion, aerodynamics, avionics, structures, vehicle integration, stage separation तथा launch vehicle से संबंधित अनेक तकनीकी क्षेत्र शामिल हैं।

इसका ऐतिहासिक विकास Thumba के शुरुआती अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ा है। Space Science and Technology Centre (SSTC) को 1972 में Vikram Sarabhai Space Centre नाम दिया गया।

🎯 VSSC याद रखें:
VSSC → Thiruvananthapuram, Kerala
प्रमुख कार्य → Launch Vehicle Technology
नाम → Dr. Vikram A. Sarabhai
🎯 UPPSC से जुड़ा महत्वपूर्ण परीक्षा संकेत

UPPSC PCS Prelims 2024 में PraVaHa software और Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC) से संबंधित प्रश्न पूछा गया था। इसलिए VSSC को केवल biography के रूप में नहीं, बल्कि ISRO के प्रमुख centres और उनके कार्यों के साथ पढ़ना बेहद महत्वपूर्ण है।

👉 UPPSC 2024 के VSSC/PraVaHa प्रश्न का संदर्भ देखें

📡 Space Applications Centre (SAC), Ahmedabad

Space Applications Centre (SAC) अहमदाबाद में स्थित ISRO का प्रमुख केंद्र है। इसका मुख्य फोकस space-borne और air-borne instruments/payloads तथा उनके applications के विकास पर है।

SAC की गतिविधियां मुख्य रूप से communication, navigation और remote sensing जैसी applications से जुड़ी हैं। यह scientific तथा planetary missions में भी योगदान देता है।

VSSC बनाम SAC:

VSSC → Thiruvananthapuram → Launch Vehicle Technology
SAC → Ahmedabad → Space Applications, Communication, Navigation, Remote Sensing

📺 Satellite Instructional Television Experiment (SITE)

विक्रम साराभाई की सबसे दूरदर्शी अवधारणाओं में से एक थी कि अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए नहीं, बल्कि गरीब और ग्रामीण आबादी के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भी होना चाहिए।

इसी दृष्टिकोण से Satellite Instructional Television Experiment (SITE) का विकास हुआ। यह प्रयोग 1975–76 में अमेरिकी ATS-6 satellite के माध्यम से किया गया।

SITE को विश्व के सबसे बड़े सामाजिक/संचार प्रयोगों में गिना जाता है। इसके माध्यम से भारत के छह राज्यों के लगभग 2,400 गांवों तक विकासोन्मुख television programmes पहुंचाए गए।

इसके प्रमुख उद्देश्यों में ग्रामीण शिक्षा, कृषि संबंधी जानकारी, स्वास्थ्य, स्वच्छता और विकास संबंधी संदेशों को बड़े स्तर पर पहुंचाना शामिल था।

📌 SITE Quick Facts:
Full Form → Satellite Instructional Television Experiment
अवधि → 1975–76
Satellite → ATS-6
गांव → लगभग 2,400
राज्य → 6
मुख्य उद्देश्य → Development-oriented communication & education

🛰️ Aryabhata: भारत का पहला उपग्रह

विक्रम साराभाई ने भारत के अपने satellite programme की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उनके निधन के बाद इस दिशा में आगे बढ़ते हुए 19 अप्रैल 1975 को भारत का पहला उपग्रह Aryabhata प्रक्षेपित किया गया।

Aryabhata को पूरी तरह भारत में design और fabricate किया गया था तथा इसे Soviet launch vehicle Kosmos-3M द्वारा Kapustin Yar से प्रक्षेपित किया गया।

⚠️ बहुत महत्वपूर्ण:
Aryabhata = भारत का पहला satellite
Launch date = 19 April 1975
Launch vehicle = Soviet Kosmos-3M
यह भारत में निर्मित था, लेकिन इसका launch India से नहीं हुआ था।

🌐 विज्ञान को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने की सोच

साराभाई की वैज्ञानिक दृष्टि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था कि भारत जैसे विकासशील देश को अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए।

  • दूरसंचार और television broadcasting
  • ग्रामीण शिक्षा
  • मौसम एवं meteorological services
  • Remote sensing
  • प्राकृतिक संसाधनों का अध्ययन
  • आपदा प्रबंधन एवं विकास नियोजन
  • वैज्ञानिक शिक्षा और public outreach

इसी application-oriented philosophy ने आगे चलकर भारत के satellite communication, remote sensing और space applications programmes को मजबूत आधार दिया।

👨‍👩‍👧‍👦 परिवार एवं व्यक्तिगत जीवन

विक्रम साराभाई का विवाह प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई से हुआ। मृणालिनी साराभाई भारतीय नृत्य और सांस्कृतिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण हस्तियों में थीं।

दोनों ने विज्ञान और कला के क्षेत्र में अलग-अलग लेकिन अत्यंत प्रभावशाली संस्थागत योगदान दिए। साराभाई परिवार का अहमदाबाद के औद्योगिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा।

📖 APNAUPSC Special Biography

भारत के इतिहास की महान महिला शासक अहिल्याबाई होल्कर का जीवन, प्रशासन, धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान और परीक्षा उपयोगी तथ्य भी पढ़ें।

👉 अहिल्याबाई होल्कर: जीवन, इतिहास, योगदान एवं महत्वपूर्ण तथ्य

🏆 पुरस्कार एवं सम्मान

वर्ष सम्मान
1962 Shanti Swarup Bhatnagar Award — Physics
1966 Padma Bhushan
1972 Padma Vibhushan — मरणोपरांत

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी वैज्ञानिक भूमिका महत्वपूर्ण रही। वे IAEA तथा peaceful uses of atomic energy से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में रहे।

☢️ Atomic Energy Commission से संबंध

1966 में डॉ. होमी जहांगीर भाभा के निधन के बाद विक्रम साराभाई ने Atomic Energy Commission (AEC) के अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।

वे 1966 से 1971 तक Atomic Energy Commission के Chairman रहे। इस प्रकार उनका योगदान भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ-साथ भारत के परमाणु विज्ञान एवं ऊर्जा प्रशासन से भी जुड़ा था।

Exam Link:
Homi J. Bhabha → भारतीय परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख वास्तुकार
Vikram Sarabhai → भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के founding father
Sarabhai → 1966–1971 Atomic Energy Commission Chairman

🕯️ निधन

डॉ. विक्रम साराभाई का निधन 30 दिसंबर 1971 को कोवलम, तिरुवनंतपुरम, केरल में हुआ। उस समय उनकी आयु केवल 52 वर्ष थी।

उनके निधन के बाद भी भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ता रहा और उनके द्वारा निर्मित संस्थागत ढांचे ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को दीर्घकालिक दिशा प्रदान की।

🌙 Sarabhai Crater: चंद्रमा पर भी नाम

डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में चंद्रमा के Sea of Serenity (Mare Serenitatis) क्षेत्र के एक crater को Sarabhai Crater नाम दिया गया।

Prelims Fact: Sarabhai Crater → MoonSea of Serenity
🇮🇳 स्वतंत्रता आंदोलन की अन्य महत्वपूर्ण जीवनी पढ़ें

APNAUPSC पर खुदीराम बोस की जीवनी, मुजफ्फरपुर बम कांड, क्रांतिकारी आंदोलन और परीक्षा उपयोगी तथ्य पढ़ें:

👉 खुदीराम बोस: जीवन परिचय, मुजफ्फरपुर बम कांड एवं महत्वपूर्ण तथ्य
🇮🇳 1857 एवं स्वतंत्रता आंदोलन Special

मंगल पांडे और चित्तू पांडे के जीवन, योगदान तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को UPSC/UPPSC/BPSC दृष्टि से पढ़ें।

👉 मंगल पांडे और चित्तू पांडे: जीवन, योगदान एवं स्वतंत्रता आंदोलन

📚 विक्रम साराभाई से जुड़े प्रमुख संस्थान: एक नजर में

संस्थान स्थान परीक्षा उपयोगी तथ्य
PRL Ahmedabad 1947; Cosmic Rays, Space & Atmospheric Sciences
INCOSPAR भारत 1962; Department of Atomic Energy के अंतर्गत
TERLS Thumba, Kerala 1963; पहला sounding rocket
VSSC Thiruvananthapuram Launch Vehicle Technology
SAC Ahmedabad Space Applications, Communication, Navigation, Remote Sensing
IIMA Ahmedabad 1961; स्थापना में साराभाई की महत्वपूर्ण भूमिका
ATIRA Ahmedabad Textile Research; 1947

🛰️ भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम: साराभाई से ISRO तक

Vikram Sarabhai ISRO INCOSPAR Thumba VSSC Indian Space Programme
INCOSPAR → ISRO → VSSC → भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम | www.apnaupsc.in

⏳ विक्रम साराभाई एवं भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम: महत्वपूर्ण Timeline

1919 — 12 अगस्त: अहमदाबाद में जन्म।

1940 — Cambridge से Natural Sciences Tripos।

1947 — Cambridge से PhD; भारत लौटने के बाद PRL की स्थापना।

1947 — ATIRA की स्थापना की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका।

1961 — IIM Ahmedabad की स्थापना की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका।

1962 — INCOSPAR का गठन।

1963 — Thumba से पहला sounding rocket Nike-Apache launch।

1966 — Atomic Energy Commission के Chairman बने; Padma Bhushan।

1969 — ISRO का गठन।

1971 — 30 दिसंबर को निधन।

1972 — Padma Vibhushan मरणोपरांत; SSTC का नाम VSSC किया गया।

1975 — Aryabhata launch; SITE का संचालन।

🎯 UPSC/UPPSC/BPSC के लिए 20 सबसे महत्वपूर्ण Facts

  1. विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में हुआ।
  2. वे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के founding father माने जाते हैं।
  3. PRL की स्थापना 1947 में अहमदाबाद में हुई।
  4. PRL का प्रारंभिक प्रमुख क्षेत्र Cosmic Rays था।
  5. INCOSPAR का गठन 1962 में हुआ।
  6. INCOSPAR Department of Atomic Energy के अंतर्गत था।
  7. Thumba का चयन magnetic equator के निकट होने के कारण महत्वपूर्ण था।
  8. भारत का पहला sounding rocket Nike-Apache था।
  9. Nike-Apache का launch 21 नवंबर 1963 को Thumba से हुआ।
  10. ISRO का गठन 15 अगस्त 1969 को हुआ।
  11. ISRO ने INCOSPAR का स्थान लिया।
  12. Space Commission और Department of Space की स्थापना 1972 में हुई।
  13. VSSC Thiruvananthapuram, Kerala में है।
  14. VSSC का प्रमुख कार्य Launch Vehicle Technology है।
  15. SAC Ahmedabad में है और space applications पर केंद्रित है।
  16. SITE 1975–76 में ATS-6 satellite के माध्यम से हुआ।
  17. SITE में लगभग 2,400 गांव और छह राज्य शामिल थे।
  18. Aryabhata भारत का पहला satellite था; launch 19 अप्रैल 1975 को हुआ।
  19. साराभाई 1966–1971 तक Atomic Energy Commission के Chairman रहे।
  20. उन्हें Padma Bhushan (1966) और Padma Vibhushan (1972, posthumous) मिला।

📝 UPSC/UPPSC/BPSC स्तर के Expected MCQs

प्रश्न 1. विक्रम साराभाई के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. उन्होंने Physical Research Laboratory की स्थापना की।
2. उन्होंने INCOSPAR के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. ISRO का गठन 1962 में उनके द्वारा किया गया था।

सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: B
ISRO का गठन 1969 में हुआ, जबकि INCOSPAR 1962 में बना था।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

A. VSSC — Ahmedabad — Remote Sensing
B. SAC — Thiruvananthapuram — Launch Vehicles
C. VSSC — Thiruvananthapuram — Launch Vehicle Technology
D. PRL — Bengaluru — Launch Vehicle Technology
उत्तर: C
प्रश्न 3. Thumba को भारत के शुरुआती rocket launching centre के रूप में चुनने का प्रमुख वैज्ञानिक कारण क्या था?

A. हिमालय के निकटता
B. समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई
C. Magnetic equator के निकटता
D. Western Ghats की ऊंचाई
उत्तर: C
प्रश्न 4. INCOSPAR और ISRO के संबंध में सही विकल्प चुनिए:

A. दोनों समान संगठन थे।
B. INCOSPAR 1969 में ISRO के बाद बना।
C. ISRO ने 1969 में INCOSPAR का स्थान लिया।
D. INCOSPAR 1972 में समाप्त होकर Space Commission बना।
उत्तर: C
प्रश्न 5. Satellite Instructional Television Experiment (SITE) के संदर्भ में:

1. यह 1975–76 में हुआ।
2. इसमें ATS-6 satellite का उपयोग हुआ।
3. इसका उद्देश्य मुख्यतः ग्रामीण और विकासोन्मुख संचार था।

सही उत्तर है:
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: D
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थान Ahmedabad से संबंधित है?

1. PRL
2. SAC
3. IIM Ahmedabad
4. VSSC सही विकल्प:
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 2 और 4
D. सभी
उत्तर: B
प्रश्न 7. Aryabhata के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

A. यह भारत का पहला sounding rocket था।
B. यह भारत का पहला satellite था।
C. इसे भारत में निर्मित नहीं किया गया था।
D. इसे Sriharikota से 1969 में launch किया गया था।
उत्तर: B
प्रश्न 8. निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम क्या है?

1. ISRO का गठन
2. INCOSPAR का गठन
3. पहला sounding rocket launch
4. Aryabhata launch A. 2-3-1-4
B. 3-2-1-4
C. 2-1-3-4
D. 1-2-3-4
उत्तर: A
प्रश्न 9. विक्रम साराभाई को निम्नलिखित में से कौन-सा पुरस्कार मरणोपरांत मिला?

A. Bharat Ratna
B. Padma Shri
C. Padma Vibhushan
D. Nobel Prize
उत्तर: C
प्रश्न 10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

A. VSSC का प्रमुख फोकस launch vehicle technology है।
B. SAC केवल human spaceflight पर काम करता है।
C. PRL की स्थापना 1969 में हुई।
D. INCOSPAR का गठन 1972 में हुआ।
उत्तर: A
प्रश्न 11. विक्रम साराभाई के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत है?

A. PRL — Ahmedabad
B. VSSC — Thiruvananthapuram
C. SAC — Ahmedabad
D. VSSC — Bengaluru
उत्तर: D
प्रश्न 12. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त रूप से विक्रम साराभाई की अंतरिक्ष-दृष्टि को दर्शाता है?

A. अंतरिक्ष अनुसंधान केवल सैन्य शक्ति के लिए होना चाहिए।
B. अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग राष्ट्रीय विकास और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए।
C. भारत को केवल मानवयुक्त चंद्र मिशन पर ध्यान देना चाहिए।
D. अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग शिक्षा में नहीं किया जा सकता।
उत्तर: B

📌 पूर्व परीक्षा से महत्वपूर्ण संकेत

UPPSC PCS Prelims 2024 में ISRO के PraVaHa software और Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC) से संबंधित प्रश्न पूछा गया था। इससे स्पष्ट है कि State PCS परीक्षाओं में वैज्ञानिकों की biography के साथ उनसे जुड़े संस्थान, technology और applications भी महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए विक्रम साराभाई पढ़ते समय केवल “जन्म-मृत्यु-पुरस्कार” याद करना पर्याप्त नहीं है। INCOSPAR → Thumba → VSSC → ISRO → SAC → SITE → Aryabhata की पूरी institutional chain को समझना अधिक उपयोगी है।

❓ Frequently Asked Questions (FAQ)

विक्रम साराभाई को किसका जनक कहा जाता है?

उन्हें सामान्यतः भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक / Founding Father of the Indian Space Programme कहा जाता है।

ISRO की स्थापना कब हुई?

15 अगस्त 1969 को ISRO की स्थापना हुई। यह INCOSPAR का उत्तराधिकारी था।

INCOSPAR कब बना?

1962 में Department of Atomic Energy के अंतर्गत INCOSPAR का गठन हुआ।

VSSC कहाँ स्थित है?

Thiruvananthapuram, Kerala में। इसका प्रमुख कार्य launch vehicle technology का विकास है।

PRL कहाँ स्थित है?

Ahmedabad, Gujarat में। इसकी स्थापना 1947 में विक्रम साराभाई ने की।

भारत का पहला satellite कौन-सा था?

Aryabhata, जिसे 19 अप्रैल 1975 को Soviet launch vehicle द्वारा प्रक्षेपित किया गया।

SITE क्या था?

Satellite Instructional Television Experiment, 1975–76 का satellite-based educational and development communication experiment था।

🔥 अंतिम Revision Capsule

1919 — जन्म, Ahmedabad
1947 — PRL
1961 — IIM Ahmedabad की स्थापना प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका
1962 — INCOSPAR
1963 — Thumba से Nike-Apache
1966 — AEC Chairman + Padma Bhushan
1969 — ISRO
1971 — निधन
1972 — Padma Vibhushan posthumous + SSTC → VSSC
1975 — Aryabhata + SITE
Moon — Sarabhai Crater
🔬 Science & Scientists Series — APNAUPSC

विज्ञान और महान भारतीय वैज्ञानिकों से जुड़े और परीक्षा उपयोगी लेख पढ़ने के लिए APNAUPSC के Biography Series को जरूर देखें।

👉 डॉ. सी. वी. रमन — जीवन, Raman Effect और वैज्ञानिक योगदान

📚 विश्वसनीय स्रोत

📌 परीक्षा नोट: यह लेख UPSC, UPPSC, BPSC, UPSSSC, SSC तथा अन्य State PCS परीक्षाओं के लिए Biography + Science & Technology + Static GK के संयुक्त दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। परीक्षा में किसी तथ्य के पूछे जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए dates, institutions, locations और chronology पर विशेष जोर दिया गया है।

📚 APNAUPSC.IN — UPSC | UPPSC | BPSC | UPSSSC | SSC | STATE PCS

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please do not enter any spam link in the comment box.

एक टिप्पणी भेजें (0)