रक्त एवं परिसंचरण तंत्र (Blood & Circulatory System) : संपूर्ण मास्टर नोट्स

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रक्त एवं परिसंचरण तंत्र (Blood & Circulatory System) : संपूर्ण मास्टर नोट्स

सामान्य विज्ञान (General Science) के अंतर्गत रक्त (Blood) एक अति-महत्वपूर्ण अध्याय है। PCS एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में विगत वर्षों (PYQs) में पूछे गए सभी प्रश्नों के पैटर्न के आधार पर यह नोट्स अत्यंत क्रमबद्ध रूप से तैयार किया गया है।

1. रक्त की सामान्य विशेषताएं एवं pH

  • प्रकृति: रक्त एक प्रकार का तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) तथा ऋणावेशित कोलाइडी विलयन (Colloidal Solution) है।
  • रक्त का परिमाप (मात्रा):
    • एक स्वस्थ वयस्क मनुष्य में औसतन 5 से 6 लीटर रक्त होता है।
    • रक्त की मात्रा शरीर के कुल भार का लगभग 7% होती है (जैसे 70 किग्रा व्यक्ति में लगभग 5000 मिली / 5 लीटर)।
  • रक्त का pH मान: मानव रक्त का pH मान 7.35 से 7.45 (औसतन 7.4) होता है, जो इसे हल्का क्षारीय (Slightly Alkaline) बनाता है।
  • रक्त शोधन (Purification): मानव शरीर में रक्त के शुद्धिकरण/छानने की प्रक्रिया को डायलेसिस (Dialysis / अपोहन) कहते हैं, जो वृक्क (Kidney) द्वारा संपन्न होती है।
🎯 Exam Tip: कटे हुए स्थान से रक्त प्रवाह रोकने के लिए फिटकरी का उपयोग किया जाता है क्योंकि फिटकरी के एल्युमिनियम आयन (Al3+) कोलाइडी रक्त कणों का स्कंदन (Coagulation) कर देते हैं।

2. रक्त के घटक (Composition of Blood)

रक्त मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित होता है:

रक्त का भाग प्रतिशत (%) मुख्य घटक एवं विवरण
1. प्लाज्मा (Plasma) ~55% - 60% पीले रंग का तरल भाग। इसमें 90% जल, 7% प्रोटीन (फाइब्रिनोजेन, प्रोथ्रोम्बिन, ग्लोबुलिन), शर्करा, लवण एवं हार्मोन घुले रहते हैं।
2. रुधिराणु (Blood Corpuscles) ~40% - 45% कोशिकीय भाग—RBC (लाल रक्त कण), WBC (श्वेत रक्त कण) तथा प्लेटलेट्स (रक्त बिम्बाणु)।

3. RBC, WBC एवं प्लेटलेट्स (तुलनात्मक अध्ययन)

प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तीनों रक्त कणिकाओं का विस्तृत विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

विशेषता RBC (एरिथ्रोसाइट्स) WBC (ल्यूकोसाइट्स) प्लेटलेट्स (थ्रोम्बोसाइट्स)
निर्माण स्थल लाल अस्थि मज्जा (Red Bone Marrow) अस्थि मज्जा, लिम्फ नोड, यकृत/प्लीहा अस्थि मज्जा (Megakaryocytes)
मृत्यु / कब्रगाह प्लीहा / तिल्ली (Spleen) एवं यकृत रक्त में ही नष्ट हो जाते हैं प्लीहा (Spleen)
जीवनकाल 120 दिन 1 से 4 दिन (औसतन) 3 से 5 दिन
केंद्रक (Nucleus) अनुपस्थित (उभयावतल / Biconcave)
(अपवाद: ऊंट एवं लामा में केंद्रक होता है)
उपस्थित (अमीबा के समान आकार) अनुपस्थित
मुख्य कार्य ऑक्सीजन (O2) एवं कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का परिवहन शरीर की रोगों से सुरक्षा (प्रतिरक्षा) रक्त का थक्का जमाना (Clotting)
📌 WBC के प्रकार एवं कार्य:
  • बी-लिम्फोसाइट (B-Lymphocyte): इसका निर्माण अस्थि मज्जा में होता है। इसे प्रतिरक्षा प्रणाली का 'कांस्टेबल' कहा जाता है। यह इम्युनोग्लोबुलिन (Antibody) बनाता है।
  • न्यूट्रोफिल (Neutrophil) & मोनोसाइट: भक्षक कोशिकाएं (Phagocytic cells) जो जीवाणुओं को नष्ट करती हैं।
  • बैसोफिल (Basophil): यह हेपेरिन (Heparin) का स्राव करती है जो शरीर के अंदर रक्त के जमने को रोकता है।
  • इओसिनोफिल (Eosinophil): परजीवियों के विरुद्ध प्रतिक्रिया देती है (यह भक्षक कोशिका नहीं है)।

4. हीमोग्लोबिन, मायोग्लोबिन एवं गैसों का परिवहन

  • हीमोग्लोबिन (Hb): यह RBC के भीतर पाया जाने वाला लौह-युक्त (Iron-containing) जटिल प्रोटीन वर्णक है। इसमें 'हीम' (4% - लौह अंश) तथा 'ग्लोबिन' (96% - प्रोटीन) होता है।
    • मानक मात्रा: 12 से 16 ग्राम प्रति 100 मिली रक्त।
    • (O2) परिवहन क्षमता: 1 ग्राम हीमोग्लोबिन लगभग 1.34 मिली (O2) का परिवहन करता है। (100 मिली रक्त लगभग 20 मिली (O2) ले जाता है)।
  • मायोग्लोबिन (Myoglobin): यह मांसपेशियों (Muscles) में पाया जाने वाला हीम-युक्त यौगिक है जो मांसपेशियों में ऑक्सीजन का संचय (Storage) करता है।
  • विषैली गैसों से अभिक्रिया:
    • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO): इसकी हीमोग्लोबिन के प्रति बंधुता (Affinity) ऑक्सीजन की तुलना में लगभग 200-250 गुना अधिक होती है। यह Hb के साथ मिलकर अनउत्क्रमणीय (Irreversible) यौगिक कार्बोक्सी-हीमोग्लोबिन (Carboxyhemoglobin) बनाता है, जिससे ऑक्सीजन का परिवहन रुक जाता है और दम घुटने से मृत्यु हो जाती है।
  • (CO2) का परिवहन: रक्त में अधिकांश (CO2) का परिवहन बायकार्बोनेट्स (Bicarbonates - 70%) के रूप में तथा लगभग 7% कार्बनिक अम्ल H2CO3 व प्लाज्मा प्रोटीन के रूप में होता है।

5. रक्त का थक्का जमना (Blood Clotting Process)

चोट लगने पर रक्त को बहने से रोकने के लिए थक्का बनने की रासायनिक प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:

रासायनिक प्रक्रिया का क्रम:
1. प्रोथ्रोम्बिन + थ्रोम्बोप्लास्टिन + कैल्शियम Ca2+थ्रोम्बिन (Thrombin)
2. फाइब्रिनोजेन (घुलनशील) + थ्रोम्बिन ➔ फाइब्रिन (Fibrin - अघुलनशील रेशे)
3. फाइब्रिन + रुधिराणु (RBC/WBC) ➔ रक्त का थक्का (Blood Clot)
  • आवश्यक प्रोटीन: फाइब्रिनोजेन (Fibrinogen) एवं प्रोथ्रोम्बिन (Prothrombin)।
  • आवश्यक तत्व/धातु: कैल्शियम Ca2+
  • आवश्यक विटामिन: विटामिन K (नेफ्थोक्वीनोन)।
  • प्रति-स्कंदक (Anticoagulant): हेपेरिन (Heparin) शरीर के भीतर रक्त जमने से रोकता है। इसका निर्माण यकृत एवं बैसोफिल्स/मास्ट कोशिकाओं द्वारा होता है।

6. रक्त समूह (Blood Groups) एवं आनुवंशिकी

रक्त समूह की खोज कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) ने वर्ष 1900 में की थी (ABO System)। रक्त समूहों की भिन्नता का कारण RBC की सतह पर पाई जाने वाली ग्लाइकोप्रोटीन (एंटीजन / प्रतिजन) है।

रक्त समूह RBC पर एंटीजन (Antigen) प्लाज्मा में एंटीबॉडी (Antibody) किसे रक्त दे सकता है किससे ले सकता है
A A b A, AB A, O
B B a B, AB B, O
AB A तथा B दोनों कोई नहीं केवल AB सभी से (सर्वभौमिक प्राप्तकर्ता)
O कोई नहीं a तथा b दोनों सभी को (सर्वदाता) केवल O
🎯 माता-पिता और बच्चों में संभावित रक्त समूह (Mendelian Genetics):
  • यदि माता/पिता में से एक का रक्त समूह 'AB' तथा दूसरे का 'O' है, तो संतानों में रक्त समूह केवल A या B होगा (O तथा AB होना असंभव है)।
  • यदि दोनों का रक्त समूह 'O' है, तो संतानों में केवल 'O' समूह ही संभव होगा।

7. Rh-फैक्टर एवं गर्भावस्था असंगतता

  • Rh-फैक्टर की खोज: लैंडस्टीनर एवं वीनर (1940) ने रीसस (Rhesus) बंदर के रक्त में की थी।
  • विवाह असंगतता (Incompatibility): यदि $Rh^+$ पुरुष का विवाह $Rh^-$ स्त्री से होता है, तो उनकी पहली संतान सामान्य होती है, परंतु दूसरी संतान की गर्भावस्था में ही रुधिर आश्लेषण (Agglutination) के कारण मृत्यु हो जाती है। इस बीमारी को इरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis Fetalis) कहते हैं।

8. परीक्षा हेतु अति-महत्वपूर्ण Quick One-Liners (PYQs)

  • ल्युकेमिया (Leukemia): रक्त में WBC की संख्या आवश्यकता से अत्यधिक बढ़ जाने पर इसे ब्लड कैंसर या ल्युकेमिया कहा जाता है।
  • थैलेसीमिया (Thalassemia): यह एक आनुवंशिक रोग है जिसमें रोगी का शरीर हीमोग्लोबिन का संश्लेषण करने की क्षमता खो देता है।
  • एनीमिया (Anemia): हीमोग्लोबिन या लौह तत्व की कमी से होने वाली बीमारी।
  • कृत्रिम रक्त (Plastic Blood): ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित 'प्लास्टिक ब्लड' किसी भी ब्लड ग्रुप के मरीज को दिया जा सकता है।
  • रेडियोधर्मी तत्व उपयोग:
    • रेडियो-सोडियम Na24: शरीर में रक्त प्रवाह की गति मापने हेतु।
    • रेडियो-आयरन Fe59: अरक्तता (Anemia) का पता लगाने हेतु।
    • रेडियो-फॉस्फोरस P32: अस्थि रोगों एवं ल्युकेमिया के उपचार हेतु।

⏭️ Next Chapter: 🫀 मानव हृदय एवं परिसंचरण (Human Heart)

रक्त के अध्ययन के बाद अब मानव हृदय की संरचना, धड़कन, पेसमेकर, धमनी और सिरा (Artery & Vein) के संपूर्ण नोट्स पढ़ें।

👉 Read Human Heart Chapter Notes
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