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| कांडला, गुजरात में भारत का पहला स्वदेशी मेगावाट-स्केल ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट और खानिमपुर, गोरखपुर में उत्तर प्रदेश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट। |
भारत में Green Hydrogen Plant: Kandla और Gorakhpur संयंत्र | संपूर्ण Static GK
Green Hydrogen आज भारत की स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और Net Zero रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। भारत के पहले स्वदेशी मेगावाट-स्केल Green Hydrogen Plant को गुजरात के कांडला स्थित Deendayal Port Authority में स्थापित किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खानिमपुर में स्थापित संयंत्र को उत्तर प्रदेश का पहला और देश का दूसरा Green Hydrogen Plant बताया गया है।
UPSC, UPPSC, UPSSSC, BPSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस विषय में केवल वर्तमान घटना ही नहीं, बल्कि Green Hydrogen क्या है, Electrolysis क्या है, Hydrogen के रंग, National Green Hydrogen Mission, भारत के लक्ष्य और उत्तर प्रदेश की Green Hydrogen Policy को समझना भी महत्वपूर्ण है।
🔴 सबसे पहले याद करें: परीक्षा के लिए 5 सुपर महत्वपूर्ण तथ्य
- 🇮🇳 भारत का पहला स्वदेशी मेगावाट-स्केल Green Hydrogen Plant: Deendayal Port Authority, Kandla, Gujarat.
- ⚡ क्षमता: 1 MW; लगभग 140 मीट्रिक टन Green Hydrogen प्रति वर्ष।
- 🟢 उत्तर प्रदेश का पहला Green Hydrogen Plant: Khanimpur, Gorakhpur.
- 🇮🇳 भारत का दूसरा Green Hydrogen Plant: Khanimpur, Gorakhpur.
- 🎯 Gorakhpur संयंत्र में Green Hydrogen को CNG और PNG नेटवर्क में मिश्रित करने पर जोर दिया गया है।
🌱 Green Hydrogen क्या है?
Green Hydrogen वह हाइड्रोजन है जिसका उत्पादन मुख्यतः नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त बिजली का उपयोग करके पानी (H2O) को Hydrogen और Oxygen में विभाजित करके किया जाता है।
इस प्रक्रिया को Electrolysis (विद्युत अपघटन) कहा जाता है। यदि Electrolysis में इस्तेमाल होने वाली बिजली Solar, Wind या अन्य Renewable Energy से आती है, तो उत्पादित Hydrogen को Green Hydrogen कहा जाता है।
पानी + Renewable Electricity → Electrolyser → Hydrogen + Oxygen
अर्थात पानी को Renewable Energy की मदद से तोड़कर Hydrogen प्राप्त करना Green Hydrogen उत्पादन की मूल प्रक्रिया है।
⚙️ Electrolyser क्या होता है?
Electrolyser वह उपकरण है जो विद्युत ऊर्जा की सहायता से पानी को Hydrogen और Oxygen में विभाजित करता है। Green Hydrogen Economy में Electrolyser की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Exam Point: Green Hydrogen की उत्पादन प्रक्रिया में Electrolysis और Electrolyser को जरूर याद रखें।
🇮🇳 भारत का पहला Green Hydrogen Plant – Kandla
📍 Deendayal Port Authority, Kandla, Gujarat
31 जुलाई 2025 को गुजरात के कांडला स्थित Deendayal Port Authority (DPA) में 1 MW Green Hydrogen Plant का उद्घाटन/commissioning किया गया। इसे भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित मेगावाट-स्केल Green Hydrogen Plant बताया गया।
- स्थान: Deendayal Port Authority, Kandla, Gujarat
- क्षमता: 1 MW
- वार्षिक उत्पादन: लगभग 140 मीट्रिक टन
- तकनीकी सहयोग/निर्माण: Larsen & Toubro (L&T)
- उद्देश्य: स्वच्छ एवं टिकाऊ port/maritime operations को बढ़ावा देना
- विशेषता: भारत के Port Sector में Green Hydrogen की दिशा में महत्वपूर्ण स्वदेशी पहल
यह संयंत्र एक बड़े 10 MW Green Hydrogen Project का पहला 1 MW module है।
परीक्षा में सावधान: केवल “भारत का पहला Green Hydrogen Plant” लिखने के बजाय “पहला स्वदेशी मेगावाट-स्केल/पोर्ट-आधारित Green Hydrogen Plant – Deendayal Port, Kandla” के रूप में याद करना अधिक सुरक्षित है।
🟢 उत्तर प्रदेश का पहला Green Hydrogen Plant – Gorakhpur
📍 खानिमपुर, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खानिमपुर गांव में स्थापित Green Hydrogen Plant को उत्तर प्रदेश का पहला और भारत का दूसरा Green Hydrogen Plant बताया गया। इसे Torrent Gas और Torrent Power द्वारा स्थापित किया गया।
- स्थान: खानिमपुर, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
- उत्तर प्रदेश में स्थिति: पहला Green Hydrogen Plant
- भारत में स्थिति: दूसरा Green Hydrogen Plant
- समूह: Torrent Group
- कंपनियां: Torrent Gas और Torrent Power
- क्षमता: लगभग 72 टन Green Hydrogen प्रति वर्ष
- Renewable Energy: लगभग 2 MW
- मुख्य उपयोग: CNG और PNG में Green Hydrogen का blending
अगर प्रश्न पूछा जाए—“उत्तर प्रदेश का पहला Green Hydrogen Plant कहाँ स्थापित किया गया?”
उत्तर: खानिमपुर, गोरखपुर।
🔬 Green Hydrogen के प्रमुख उपयोग
- 🏭 Steel Industry
- 🧪 Fertilizer Industry
- 🛢️ Petroleum Refining
- 🚛 Heavy Transport और Mobility
- 🚢 Shipping और Maritime Sector
- ⚡ Energy Storage
- 🏠 CNG/PNG तथा City Gas Distribution में blending
- 🌱 Renewable Energy को store करने के माध्यम के रूप में
🌈 Hydrogen के रंग – परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले तथ्य
| प्रकार | मुख्य आधार |
|---|---|
| Green Hydrogen | Renewable electricity से Electrolysis |
| Grey Hydrogen | Natural Gas जैसे fossil fuel से; CO₂ emissions अधिक |
| Blue Hydrogen | Fossil fuel आधारित उत्पादन + Carbon Capture/Storage |
| Black/Brown Hydrogen | Coal आधारित उत्पादन |
| Turquoise Hydrogen | Methane Pyrolysis; Carbon का ठोस रूप में उत्पादन |
🇮🇳 National Green Hydrogen Mission
भारत सरकार ने National Green Hydrogen Mission को 4 जनवरी 2023 को मंजूरी दी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को Green Hydrogen के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का Global Hub बनाना है।
- मंजूरी: 4 जनवरी 2023
- नोडल मंत्रालय: Ministry of New and Renewable Energy (MNRE)
- प्रारंभिक वित्तीय परिव्यय: ₹19,744 करोड़
- 2030 लक्ष्य: कम-से-कम 5 MMT Green Hydrogen प्रति वर्ष
- Renewable Energy क्षमता से जुड़ा लक्ष्य: लगभग 125 GW अतिरिक्त क्षमता
- मुख्य कार्यक्रम: SIGHT – Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition
Mission में Electrolyser manufacturing, Green Hydrogen production incentives, pilot projects, Green Hydrogen Hubs, R&D, skill development तथा standards/regulations जैसे घटक शामिल हैं।
🏛️ SIGHT Programme क्या है?
SIGHT का पूरा नाम है: Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition. यह National Green Hydrogen Mission का महत्वपूर्ण घटक है।
इसके अंतर्गत Green Hydrogen उत्पादन तथा Electrolyser manufacturing को प्रोत्साहित करने के लिए incentive mechanism शामिल है।
🏭 उत्तर प्रदेश और Green Hydrogen
उत्तर प्रदेश ने Green Hydrogen के क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए Uttar Pradesh Green Hydrogen Policy, 2024 लागू की है।
- UP का लक्ष्य 2028 तक Green Hydrogen/Green Ammonia की 1 million metric tonnes प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता विकसित करना है।
- राज्य में Green Hydrogen/Ammonia के लिए 4 Centres of Excellence विकसित करने का प्रावधान है।
- Policy का उद्देश्य Green Hydrogen production, consumption और associated ecosystem को बढ़ावा देना है।
- Fertilizer, refinery, heavy vehicles, energy storage, steel और City Gas Distribution जैसे क्षेत्रों में Green Hydrogen के उपयोग की संभावना है।
UPPSC के लिए याद रखें: Gorakhpur का Khanimpur Plant केवल एक energy project नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की Green Hydrogen ecosystem विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
📊 Kandla बनाम Gorakhpur – एक नजर में
| तथ्य | Kandla | Gorakhpur |
|---|---|---|
| स्थान | Deendayal Port, Gujarat | Khanimpur, Gorakhpur, UP |
| स्थिति | भारत का पहला स्वदेशी MW-scale plant | UP का पहला और भारत का दूसरा |
| क्षमता | 1 MW | 2 MW Renewable Energy |
| उत्पादन | लगभग 140 टन/वर्ष | लगभग 72 टन/वर्ष |
| मुख्य उपयोग | Port/Maritime Decarbonisation | CNG और PNG में blending |
📚 UPSC | UPPSC | UPSSSC | BPSC Static GK
🔹 Hydrogen से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- Hydrogen का रासायनिक प्रतीक — H
- Hydrogen का परमाणु क्रमांक — 1
- Hydrogen ब्रह्मांड में सबसे हल्का और अत्यधिक प्रचुर तत्व है।
- Green Hydrogen के उत्पादन में मुख्य प्रक्रिया — Electrolysis
- Electrolysis में पानी से Hydrogen और Oxygen अलग किए जाते हैं।
- Green Hydrogen को hard-to-abate sectors के decarbonisation में महत्वपूर्ण माना जाता है।
🔹 भारत के Energy Transition से जुड़े तथ्य
- भारत का Net Zero लक्ष्य — 2070
- National Green Hydrogen Mission — 2023
- NGHM का 2030 Green Hydrogen लक्ष्य — 5 MMT प्रति वर्ष
- Mission का नोडल मंत्रालय — MNRE
- Mission का प्रमुख incentive component — SIGHT
📝 PYQ Pattern पर संभावित प्रश्न
प्रश्न 1. उत्तर प्रदेश का पहला Green Hydrogen Plant कहाँ स्थापित किया गया?
👉 उत्तर: खानिमपुर, गोरखपुर
प्रश्न 2. भारत का पहला स्वदेशी मेगावाट-स्केल Green Hydrogen Plant किस स्थान पर है?
👉 उत्तर: Deendayal Port Authority, Kandla, Gujarat
प्रश्न 3. Green Hydrogen के उत्पादन में Renewable Energy का उपयोग मुख्यतः किस प्रक्रिया के लिए किया जाता है?
👉 उत्तर: Water Electrolysis
प्रश्न 4. National Green Hydrogen Mission का 2030 का प्रमुख उत्पादन लक्ष्य क्या है?
👉 उत्तर: 5 MMT प्रति वर्ष
प्रश्न 5. SIGHT का संबंध किससे है?
👉 उत्तर: Green Hydrogen Transition के लिए Strategic Interventions
प्रश्न 6. Green Hydrogen के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा Renewable Energy से जुड़ा है?
👉 उत्तर: Electrolysis द्वारा Renewable Electricity से Hydrogen उत्पादन
🎯 परीक्षा में कैसे पूछा जा सकता है?
1. गोरखपुर का खानिमपुर Green Hydrogen Plant उत्तर प्रदेश का पहला है।
2. Green Hydrogen उत्पादन में Renewable Energy आधारित Electrolysis का प्रयोग किया जाता है।
3. National Green Hydrogen Mission का लक्ष्य 2030 तक 5 MMT वार्षिक Green Hydrogen उत्पादन है।
4. SIGHT National Green Hydrogen Mission का एक प्रमुख घटक है।
सही उत्तर: सभी कथन सही।
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⚡ One-Liner Revision
- भारत का पहला स्वदेशी MW-scale Green Hydrogen Plant → Kandla, Gujarat
- Port → Deendayal Port Authority
- Kandla Plant Capacity → 1 MW
- Kandla उत्पादन → लगभग 140 टन/वर्ष
- UP का पहला Green Hydrogen Plant → Khanimpur, Gorakhpur
- भारत में Gorakhpur Plant की स्थिति → दूसरा
- Gorakhpur Plant → Torrent Gas + Torrent Power
- Gorakhpur उत्पादन क्षमता → लगभग 72 टन/वर्ष
- Green Hydrogen की मुख्य प्रक्रिया → Electrolysis
- NGHM मंजूरी → 4 जनवरी 2023
- NGHM नोडल मंत्रालय → MNRE
- NGHM प्रारंभिक परिव्यय → ₹19,744 करोड़
- 2030 Green Hydrogen लक्ष्य → 5 MMT/वर्ष
- SIGHT → Strategic Interventions for Green Hydrogen Transition
- भारत का Net Zero लक्ष्य → 2070
- UP Green Hydrogen Policy → 2024
- UP Policy का 2028 Green Hydrogen/Ammonia capacity target → 1 MMT/वर्ष
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q. Green Hydrogen क्या है?
A. Renewable Energy से प्राप्त बिजली द्वारा Electrolysis के माध्यम से उत्पादित Hydrogen को Green Hydrogen कहा जाता है।
Q. उत्तर प्रदेश का पहला Green Hydrogen Plant कहाँ है?
A. खानिमपुर, गोरखपुर।
Q. भारत का पहला स्वदेशी मेगावाट-स्केल Green Hydrogen Plant कहाँ है?
A. Deendayal Port Authority, Kandla, Gujarat।
Q. National Green Hydrogen Mission का 2030 लक्ष्य क्या है?
A. कम-से-कम 5 Million Metric Tonnes Green Hydrogen प्रति वर्ष।
Q. Green Hydrogen बनाने की मुख्य तकनीक क्या है?
A. Renewable Electricity आधारित Water Electrolysis।
KANDLA = INDIA FIRST 🇮🇳
GORAKHPUR = UP FIRST + INDIA SECOND 🟢
GREEN H₂ = RENEWABLE ELECTRICITY + ELECTROLYSIS ⚡
NGHM = 5 MMT BY 2030 🎯
Exam Focus: UPSC | UPPSC | UPSSSC | BPSC | SSC | Railway | State PCS | General Studies | Environment | Science & Technology | Energy | Geography | Uttar Pradesh GK
स्रोत एवं तथ्य: Ministry of New and Renewable Energy (MNRE), Press Information Bureau (PIB), Government of Uttar Pradesh तथा संबंधित आधिकारिक/विश्वसनीय स्रोत।


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