हमारे दैनिक जीवन में हम वस्तुओं को धक्का देते हैं, खींचते हैं, रोकते हैं, उनकी दिशा बदलते हैं या उनकी गति बढ़ाते-घटाते हैं। इन सभी घटनाओं को समझने के लिए भौतिक विज्ञान में बल (Force), जड़त्व (Inertia), संवेग (Momentum), आवेग (Impulse) तथा न्यूटन के गति के नियम (Newton's Laws of Motion) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
यह अध्याय UPSC, UPPSC, UPSSSC, BPSC, SSC, रेलवे तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में विज्ञान एवं सामान्य अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी है। विशेष रूप से F = ma, p = mv, जड़त्व के प्रकार, क्रिया-प्रतिक्रिया, संवेग संरक्षण और बल के SI मात्रक से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
बल, जड़त्व और न्यूटन के नियम — त्वरित पुनरावृत्ति
| टॉपिक | सबसे महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| बल | धक्का या खिंचाव; सदिश राशि |
| SI मात्रक | न्यूटन (N) |
| प्रथम नियम | जड़त्व का नियम |
| द्वितीय नियम | F = ma |
| संवेग | p = mv |
| तृतीय नियम | क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर एवं विपरीत |
| आवेग | संवेग में परिवर्तन के बराबर |
बल (Force) क्या है?
बल किसी वस्तु पर लगाया गया धक्का या खिंचाव है, जो उसके वेग, दिशा, गति की अवस्था या आकार में परिवर्तन कर सकता है। बल एक सदिश राशि (Vector Quantity) है, इसलिए इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
बल के प्रमुख प्रभाव
- विराम अवस्था में वस्तु को गति दे सकता है।
- गतिमान वस्तु को रोक सकता है।
- वस्तु की चाल बढ़ा या घटा सकता है।
- वस्तु की गति की दिशा बदल सकता है।
- वस्तु के आकार में परिवर्तन कर सकता है।
बल का SI और CGS मात्रक
- SI मात्रक: न्यूटन (Newton), प्रतीक N
- CGS मात्रक: डाइन (dyne)
- विमीय सूत्र: [MLT-2]
- 1 N = 1 kg·m/s²
- 1 N = 105 dyne
- 1 kgf ≈ 9.8 N
बल के प्रकार — Contact और Non-Contact Force
1. संपर्क बल (Contact Force)
जिन बलों के कार्य करने के लिए वस्तुओं के बीच प्रत्यक्ष संपर्क आवश्यक होता है, उन्हें संपर्क बल कहते हैं।
- घर्षण बल (Frictional Force)
- पेशीय बल (Muscular Force)
- अभिलंब बल (Normal Force)
- तनाव बल (Tension Force)
- श्यान बल (Viscous Force)
2. असंपर्क बल (Non-Contact Force)
जिन बलों के लिए वस्तुओं का प्रत्यक्ष संपर्क आवश्यक नहीं होता, उन्हें असंपर्क बल कहते हैं।
- गुरुत्वाकर्षण बल
- विद्युतस्थैतिक बल
- चुंबकीय बल
Exam Fact: गुरुत्वाकर्षण, विद्युतचुंबकीय, प्रबल नाभिकीय और दुर्बल नाभिकीय बल प्रकृति के चार मूलभूत बल हैं। इन्हें संपर्क/असंपर्क की सामान्य विद्यालयी श्रेणी से अलग, fundamental interactions के रूप में समझना चाहिए।
जड़त्व (Inertia)
किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था या एकसमान सरल रेखीय गति में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है।
जड़त्व वस्तु का गुण है और द्रव्यमान जड़त्व की माप माना जाता है। अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु में जड़त्व अधिक होता है।
जड़त्व के तीन प्रकार
1. विराम का जड़त्व
- बस अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुकता है।
- कंबल को पीटने पर धूल के कण अलग हो जाते हैं।
- पेड़ की शाखा को हिलाने पर फल गिर सकते हैं।
2. गति का जड़त्व
- चलती बस अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर झुकते हैं।
- दौड़ता हुआ व्यक्ति अचानक रुकने पर आगे की ओर झुक सकता है।
3. दिशा का जड़त्व
- वाहन के अचानक मोड़ लेने पर यात्री बाहर की ओर झुकते हैं।
- घूमते पहिए से कीचड़ के कण स्पर्शरेखीय दिशा में निकलते हैं।
- रस्सी टूटने पर घूमता हुआ पत्थर स्पर्शरेखीय दिशा में चलता है।
न्यूटन का प्रथम गति नियम — जड़त्व का नियम
यदि कोई वस्तु विराम अवस्था में है तो वह विराम में रहेगी और यदि कोई वस्तु एकसमान वेग से सीधी रेखा में गति कर रही है तो उसी अवस्था में बनी रहेगी, जब तक उस पर कोई असंतुलित बाह्य बल कार्य न करे।
इसलिए न्यूटन के प्रथम नियम को जड़त्व का नियम (Law of Inertia) भी कहा जाता है।
परीक्षा में पूछे जाने वाले उदाहरण
- सीट बेल्ट का उपयोग — वाहन के अचानक रुकने पर शरीर के जड़त्व से सुरक्षा।
- चलती बस अचानक रुकने पर यात्री आगे झुकता है।
- बस अचानक चलने पर यात्री पीछे झुकता है।
- कंबल पीटने पर धूल अलग होना।
संवेग (Momentum)
किसी वस्तु का संवेग उसके द्रव्यमान और वेग के गुणनफल के बराबर होता है।
p = mv
- p: संवेग
- m: द्रव्यमान
- v: वेग
- SI मात्रक: kg·m/s
- विमीय सूत्र: [MLT-1]
संवेग एक सदिश राशि है और इसकी दिशा वेग की दिशा के समान होती है।
अत्यंत महत्वपूर्ण
समान वेग पर अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु का संवेग अधिक होगा। इसी प्रकार समान द्रव्यमान पर अधिक वेग वाली वस्तु का संवेग अधिक होगा।
न्यूटन का द्वितीय गति नियम
किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है तथा संवेग में परिवर्तन बल की दिशा में होता है।
F = dp/dt
स्थिर द्रव्यमान के लिए:
F = ma
- F: बल
- m: द्रव्यमान
- a: त्वरण
1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करे।
न्यूटन का तृतीय गति नियम — क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम
प्रत्येक क्रिया के बराबर परिमाण की तथा विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
F12 = −F21
यहां एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
उदाहरण
- बंदूक से गोली चलाने पर बंदूक पीछे की ओर झटका देती है।
- रॉकेट गैसों को पीछे की ओर फेंकता है और स्वयं आगे बढ़ता है।
- तैराक पानी को पीछे धकेलता है और स्वयं आगे बढ़ता है।
- नाव से व्यक्ति किनारे की ओर उतरता है तो नाव पीछे की ओर खिसक सकती है।
- चलने में पैर जमीन को पीछे की ओर धकेलता है और जमीन व्यक्ति को आगे की ओर धकेलती है।
आवेग (Impulse)
बल के बहुत कम समय तक कार्य करने पर संवेग में होने वाला परिवर्तन आवेग कहलाता है।
J = Δp
स्थिर बल के लिए:
J = FΔt
- SI मात्रक: न्यूटन-सेकंड (N·s)
- विमीय सूत्र: [MLT-1]
- आवेग की विमा संवेग के समान होती है।
दैनिक जीवन के उदाहरण
- क्रिकेट में कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना।
- वाहनों में shock absorber का प्रयोग।
- गद्दे या रेत पर गिरने से चोट कम होना।
- नाजुक वस्तुओं को कागज/फोम आदि से पैक करना।
इन सभी उदाहरणों में रुकने का समय बढ़ाने से औसत बल को कम किया जा सकता है, जबकि संवेग में आवश्यक परिवर्तन वही रहता है।
रैखिक संवेग संरक्षण का नियम
यदि किसी पृथक तंत्र पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा है, तो उस तंत्र का कुल रैखिक संवेग नियत रहता है।
कुल प्रारंभिक संवेग = कुल अंतिम संवेग
महत्वपूर्ण अनुप्रयोग
- रॉकेट का प्रक्षेपण
- बंदूक की recoil
- दो वस्तुओं की टक्कर
- पटाखे/विस्फोट के बाद टुकड़ों की गति
- नाव से व्यक्ति के उतरने पर नाव का पीछे जाना
प्रकृति के चार मूलभूत बल — परीक्षा उपयोगी तथ्य
| बल | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| प्रबल नाभिकीय बल | परमाणु नाभिक के स्तर पर अत्यंत शक्तिशाली; बहुत लघु परास |
| विद्युतचुंबकीय बल | आवेशित कणों के बीच; आकर्षण या विकर्षण दोनों संभव |
| दुर्बल नाभिकीय बल | रेडियोधर्मी बीटा क्षय जैसी प्रक्रियाओं से संबंधित |
| गुरुत्वाकर्षण बल | द्रव्यमान/ऊर्जा से संबंधित; दीर्घ परास का और हमेशा आकर्षणकारी |
UPSC | UPPSC | BPSC | UPSSSC — सुपर फास्ट रिवीजन फैक्ट्स
- बल एक सदिश राशि है।
- बल का SI मात्रक न्यूटन है।
- बल का CGS मात्रक डाइन है।
- बल का विमीय सूत्र [MLT-2] है।
- जड़त्व वस्तु का गुण है।
- द्रव्यमान जड़त्व की माप है।
- न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व का नियम है।
- न्यूटन का द्वितीय नियम बल और संवेग परिवर्तन के संबंध को बताता है।
- स्थिर द्रव्यमान पर द्वितीय नियम का प्रसिद्ध रूप F = ma है।
- संवेग का सूत्र p = mv है।
- संवेग एक सदिश राशि है।
- संवेग का SI मात्रक kg·m/s है।
- आवेग = संवेग में परिवर्तन।
- आवेग का SI मात्रक N·s है।
- आवेग और संवेग की विमा समान होती है।
- न्यूटन का तृतीय नियम क्रिया-प्रतिक्रिया से संबंधित है।
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं।
- बंदूक का recoil न्यूटन के तृतीय नियम और संवेग संरक्षण से समझाया जा सकता है।
- रॉकेट propulsion में संवेग संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- समान द्रव्यमान पर अधिक बल लगाने से अधिक त्वरण उत्पन्न होता है।
- समान बल पर अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु का त्वरण कम होगा।
परीक्षा में होने वाली सामान्य गलतियाँ
-
गलत: क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर लगती हैं।
सही: दोनों अलग-अलग वस्तुओं पर लगती हैं। -
गलत: चलती वस्तु को गतिमान रखने के लिए हमेशा बल आवश्यक है।
सही: आदर्श स्थिति में एकसमान वेग से चलती वस्तु को बनाए रखने के लिए शुद्ध बाह्य बल आवश्यक नहीं है। -
गलत: जड़त्व कोई बल है।
सही: जड़त्व वस्तु का गुण है। -
गलत: भारी वस्तु का वेग हमेशा अधिक होता है।
सही: द्रव्यमान और वेग अलग-अलग भौतिक राशियाँ हैं। - ध्यान दें: F = ma स्थिर द्रव्यमान वाले पिंड के लिए न्यूटन के द्वितीय नियम का विशेष रूप है।
UPSC | UPPSC | BPSC | UPSSSC PYQ-Pattern अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
किसी वस्तु के जड़त्व को मुख्यतः किस भौतिक राशि से मापा जाता है?
- वेग
- द्रव्यमान
- त्वरण
- बल
उत्तर: B — द्रव्यमान
प्रश्न 2
न्यूटन के प्रथम गति नियम को किस नाम से भी जाना जाता है?
- ऊर्जा संरक्षण नियम
- जड़त्व का नियम
- संवेग संरक्षण नियम
- क्रिया-प्रतिक्रिया नियम
उत्तर: B — जड़त्व का नियम
प्रश्न 3
किसी पिंड का संवेग किसके बराबर होता है?
- m/a
- ma
- mv
- F/t
उत्तर: C — mv
प्रश्न 4
न्यूटन का तृतीय नियम किससे संबंधित है?
- जड़त्व
- बल और त्वरण
- क्रिया और प्रतिक्रिया
- गुरुत्वाकर्षण
उत्तर: C — क्रिया और प्रतिक्रिया
प्रश्न 5
किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन को किस भौतिक राशि से व्यक्त किया जाता है?
- आवेग
- शक्ति
- कार्य
- दाब
उत्तर: A — आवेग
न्यूटन के नियमों के आधुनिक अनुप्रयोग
- रॉकेट एवं अंतरिक्ष यान का propulsion
- वाहनों की सुरक्षा और सीट बेल्ट
- एयरबैग और crash protection
- खेलों में गेंद/बैट की गति
- तोप और बंदूक की recoil
- उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
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🔥 एक मिनट में पूरा अध्याय याद करें
बल → धक्का/खिंचाव → सदिश राशि
प्रथम नियम → जड़त्व
द्वितीय नियम → F = ma
संवेग → p = mv
आवेग → J = Δp = FΔt
तृतीय नियम → क्रिया = प्रतिक्रिया, दिशा विपरीत
संवेग संरक्षण → बाह्य शुद्ध बल शून्य होने पर कुल संवेग नियत
जड़त्व की माप → द्रव्यमान
बल का SI मात्रक → न्यूटन
बल का विमीय सूत्र → [MLT-2]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
बल क्या है?
बल किसी वस्तु पर लगाया गया धक्का या खिंचाव है, जो उसकी गति, दिशा या आकार में परिवर्तन कर सकता है।
बल का SI मात्रक क्या है?
न्यूटन (N)।
जड़त्व क्या है?
वस्तु की अपनी विराम या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं।
न्यूटन का दूसरा नियम क्या है?
संवेग परिवर्तन की दर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है। स्थिर द्रव्यमान के लिए इसका रूप F = ma है।
संवेग का सूत्र क्या है?
p = mv
आवेग और संवेग में क्या संबंध है?
आवेग = संवेग में परिवर्तन (J = Δp)
क्रिया और प्रतिक्रिया बलों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?
दोनों का परिमाण समान और दिशा विपरीत होती है तथा वे दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
निष्कर्ष
बल, जड़त्व, संवेग, आवेग और न्यूटन के गति के नियम भौतिक विज्ञान की आधारभूत अवधारणाएँ हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे केवल परिभाषाएँ ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन के उदाहरण, मात्रक, विमीय सूत्र, संवेग संरक्षण और वैज्ञानिक अनुप्रयोगों पर भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
UPSC, UPPSC, BPSC और UPSSSC की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को इस अध्याय में विशेष रूप से जड़त्व के तीन प्रकार, F = ma, p = mv, J = Δp, क्रिया-प्रतिक्रिया, संवेग संरक्षण और चार मूलभूत बल अवश्य याद रखने चाहिए।
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